Dayalbagh Agra Scam? SCERT मान्यता नहीं, छात्रों का 2 साल बर्बाद!
Dayalbagh Education Institute Agra के छात्रों का आरोप – SCERT मान्यता न होने से UPTET फॉर्म भरने से वंचित
उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों छात्रों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। Dayalbagh Educational Institute, Agra के छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनके D.El.Ed कोर्स को SCERT की मान्यता नहीं मिली है, जिसके चलते वे UPTET का फॉर्म भरने के योग्य नहीं हैं।
UPTET सपोर्ट टीम ने साफ किया – “आप पात्र नहीं हैं”
छात्रों द्वारा भेजे गए मेल के जवाब में UPTET सपोर्ट टीम ने स्पष्ट रूप से कहा कि:
- निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार छात्र UPTET परीक्षा के लिए eligible नहीं हैं
- छात्रों को आधिकारिक विज्ञापन और eligibility criteria देखने की सलाह दी गई
इस जवाब के बाद छात्रों में भारी निराशा फैल गई है।
2017 से बिना SCERT मान्यता के चल रहा D.El.Ed कोर्स
छात्रों का दावा है कि:
- कॉलेज 2017 से D.El.Ed कोर्स चला रहा है
- लेकिन इसे अब तक SCERT से मान्यता प्राप्त नहीं हुई
- छात्रों को पहले यह जानकारी नहीं दी गई
इस कारण अब उनकी 2 साल की मेहनत और समय बर्बाद होता दिख रहा है।
कॉलेज का दावा – “मान्यता जल्द मिल जाएगी”
छात्रों के अनुसार, जब उन्होंने कॉलेज प्रशासन से सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि:
- SCERT को मान्यता के लिए आवेदन भेज दिया गया है
- 1–2 महीने में मान्यता मिल सकती है
- छात्रों को UPTET फॉर्म भरने की सलाह दी गई
लेकिन अभी तक आधिकारिक मान्यता न होने के कारण छात्र फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं।

NCTE vs SCERT – क्या फर्क है?
कई छात्रों के मन में सवाल है कि अगर कॉलेज को NCTE से मान्यता मिली है तो क्या UPTET फॉर्म भरा जा सकता है?
👉 इसका जवाब साफ है:
- NCTE राष्ट्रीय स्तर की संस्था है
- SCERT राज्य स्तर की मान्यता देती है
- UPTET के लिए SCERT मान्यता जरूरी होती है
छात्रों की मांग – जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
छात्रों का कहना है कि:
- उन्हें गलत जानकारी देकर एडमिशन दिलाया गया
- कॉलेज की लापरवाही से उनका भविष्य खतरे में पड़ गया
- सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक कॉलेज का नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है:
- क्या बिना मान्यता के कोर्स चलाना सही है?
- छात्रों को सही जानकारी क्यों नहीं दी गई?
- ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
निष्कर्ष
UPTET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बैठने का मौका खोना किसी भी छात्र के लिए बड़ा झटका है। अगर समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों छात्रों का करियर प्रभावित हो सकता है।

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